प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अली लारीजानी और गुलामरेजा सुलेमानी की मौत
का दावा करते हुए इसे ईरान की ताकत के लिए बड़ा झटका बताया था। उन्होंने
कहा कि अभी और भी सरप्राइज बाकी हैं। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के
संकट के बीच ईरान की ओर से इस्राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाना जारी है।
दोनों नेताओं को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कार्रवाई में अहम भूमिका
निभाने वाला माना जाता था। इनकी मौत ऐसे समय में हुई है जब ईरान युद्ध जैसी
स्थिति का सामना कर रहा है। इस्राइल-अमेरिका के जारी हमलों को इस्लामिक
गणराज्य के लिए हाल के दशकों की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।