E20 vs E85

E20 vs E85: प्रति किलोमीटर कौन सा ईंधन वास्तव में सस्ता है? (चौंकाने वाला सच!)

भारत ने आधिकारिक तौर पर E85 ईंधन (85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल) के युग में प्रवेश कर लिया है. दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में पहले E85 फ्यूल डिस्पेंसर शुरू हो चुके हैं. कागज़ पर देखें तो यह आम जनता के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं लगता क्योंकि E85 की कीमत देश भर में मिलने वाले सामान्य E20 पेट्रोल से करीब ₹20 प्रति लीटर सस्ती है! लेकिन क्या पेट्रोल पंप पर मिलने वाली यह ₹20 की सीधी छूट वास्तव में आपकी जेब का खर्च कम करेगी? क्या E85 प्रति किलोमीटर ड्राइविंग के मामले में E20 से सस्ता है? जवाब आपको चौंका सकता है। आइए इसके पीछे के सीधे गणित को समझते हैं। दिक्कत कहाँ है? एनर्जी डेंसिटी (Energy Density) का खेल इथेनॉल की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी ऊर्जा सघनता (Energy Density) है. शुद्ध पेट्रोल या कम इथेनॉल वाले मिश्रण (जैसे E20) के मुकाबले इथेनॉल में लगभग 30% कम ऊर्जा होती है. आसान शब्दों में कहें तो: इंजन को उतनी ही ताकत पैदा करने के लिए बहुत अधिक इथेनॉल जलाना पड़ता है, जितनी वह कम पेट्रोल में कर लेता है. इसके परिणामस्वरूप, जब आप अपने वाहन में E85 ईंधन डालते हैं, तो माइलेज (Fuel Efficiency) में 20% से 30% तक की भारी गिरावट आती है. वास्तविक दुनिया का टेस्ट (Real-World Mileage Test) हाल ही में ऑटोकार इंडिया द्वारा भारत की पहली फ्लैक्स-फ्यूल बाइक (Suzuki Gixxer SF 250 FFV) पर किए गए वास्तविक ऑन-रोड टेस्ट के आंकड़े इस प्रकार हैं: E20 पेट्रोल पर माइलेज: 38.1 किमी/लीटर E85 ईंधन पर माइलेज: 28.81 किमी/लीटर माइलेज में गिरावट: 24.40% खर्च का गणित (दिल्ली के दामों के आधार पर): E20 की कीमत: ₹102.12 प्रति लीटर E85 की कीमत: ₹82.12 प्रति लीटर ईंधन का प्रकार पंप पर कीमत (प्रति लीटर) बाइक का माइलेज (kmpl) प्रति किलोमीटर खर्च (Cost per KM) E20 पेट्रोल ₹102.12 38.1 ₹2.68 / किमी E85 ईंधन ₹82.12 28.81 ₹2.85 / किमी निष्कर्ष: प्रति लीटर ₹20 सस्ता होने के बावजूद, कम माइलेज के कारण E85 पर गाड़ी चलाना 17 पैसे प्रति किलोमीटर महंगा पड़ रहा है. हर 10,000 किलोमीटर पर आपको E85 इस्तेमाल करने के लिए ₹1,711 अतिरिक्त खर्च करने होंगे! कारों के मामले में यह अंतर और बढ़ जाता है अगर हम कारों की बात करें, जैसे कि हाल ही में आई देश की पहली इथेनॉल कार Maruti Suzuki WagonR Bioflex (कीमत ₹7.24 लाख), तो वहाँ भी यही नियम लागू होता है। अगर रेगुलर कार E20 पर 18 किमी/लीटर का माइलेज देती है, तो E85 पर वह गिरकर करीब 13.5 किमी/लीटर ही रह जाएगा। E20 पर कार का खर्च: ₹5.67 प्रति किलोमीटर E85 पर कार का खर्च: ₹6.08 प्रति किलोमीटर यानी कारों में प्रति किलोमीटर का नुकसान और भी ज्यादा (लगभग 41 पैसे प्रति किमी) होने की उम्मीद है! ब्राजील का ‘70% फॉर्मूला’ क्या है? दुनिया के सबसे बड़े फ्लैक्स-फ्यूल मार्केट ब्राजील में उपभोक्ता एक साधारण नियम का पालन करते हैं: “इथेनॉल तभी किफायती है जब इसकी कीमत पेट्रोल की कीमत के 70% या उससे कम हो।” वर्तमान में भारत में (जैसे दिल्ली में) E85 की कीमत E20 पेट्रोल की कीमत का लगभग 80% है। जब तक सरकार E85 की कीमत को घटाकर ₹65 से ₹70 प्रति लीटर के बीच नहीं लाती, तब तक उपभोक्ताओं को इससे कोई सीधा आर्थिक फायदा नहीं होने वाला है। अंतिम फैसला: खरीदें या नहीं? पंप पर सस्ता? हाँ (₹20/लीटर की बचत). चलाने में सस्ता? बिल्कुल नहीं, माइलेज की गिरावट आपकी जेब पर भारी पड़ेगी. अतिरिक्त लागत: फ्लैक्स-फ्यूल गाड़ियाँ (FFVs) सामान्य गाड़ियों की तुलना में लगभग 5% महंगी भी आती हैं। हमारा सुझाव: फिलहाल E85 उपभोक्ताओं के लिए पैसा बचाने का ज़रिया नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा (क्रूड ऑयल का आयात कम करने) और पर्यावरण के लिहाज़ से उठाया गया एक बड़ा कदम है. जब तक ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं होता, तब तक सामान्य उपभोक्ताओं के लिए रेगुलर E20 पेट्रोल ही प्रति किलोमीटर सस्ता और बेहतर विकल्प बना हुआ है। आप क्या सोचते हैं? क्या सरकार को E85 के दाम और कम करने चाहिए? नीचे कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें!

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How much does petrol cost in India?

petrol ki keematein haal ke varshon mein charcha ka ek pramukh vishay ban gai han, jo duniya bhar ke gharon, vyavsayon aur arthvyavasthaon ko prabhavit kar rahi han। petrol pump par har badhotari ka sidha asar dainik kharchon par padta hai, jisse parivahan mahanga ho jata haiaur parivaron ke budget par atirikt dabav padta hai। chunki indhan aadhunik jeevan ka ek anivarya hissa hai, isliye petrol ki badhti keematein lakhon logon ke liye chinta ka vishay bani hui han। petrol ki badhti keematon ke peeche ek mukhya karan vaishvik kacche tel ki keematon mein utar-chadhav hai। kaccha tel petrol utpadan mein istemaal hone wala kaccha maal hai, aur iski antarrashtriya keemat mein koi bhi badlav indhan ki laagat ko prabhavit kar sakta hai rajnitik tanav, aapurti mein vyavadhan, prakritik aapdaein aur tel utpadak deshon dwara liye gaye nirnay, yeh sabhi kacche tel ki keematon mein vriddhi mein yogdaan kar sakte han jab yeh laagaten badhti han, to upbhoktaon ko aksar petrol pump par iska asar mahsoos hota hai। sarkari kar aur shulk bhi petrol ki keematon ko nirdharit karne mein mahatvapurn bhumika nibhate han। kai deshon men, petrol ki khudra keemat ka ek bada hissa karon se bana hota hai। halanki yeh kar sarkaron ko sarvajanik sevaon aur avsanrachna pariyojnaon ke liye rajasv jutane mein madad karte han, lekin inse upbhoktaon ke liye indhan ki laagat bhi badh sakti hai। petrol ki badhti keematon ka prabhav keval vahan malikon tak hi seemit nahin hai। parivahan aapurti shrinkhalaon ka ek mahatvapurn ghatak hai, aur indhan ki badhti laagat se nirmataon se khudra vikretaon tak maal pahunchaane se jude kharch badh jaate han। parinamswarup, khadya padarthon, gharelu utpadon aur anya aavashyak vastuon ki keematein bhi badh sakti han। isse mudrasfiti badh sakti hai aur upbhoktaon ki kray shakti kam ho sakti hai। vyavsay, vishesh roop se parivahan, logistics aur delivery sevaon se jude vyavsay, indhan ki badhti keematon se buri tarah prabhavit hote han। parichalan laagat mein vriddhi se labh margin kam ho sakta hai aur companiyon ko apni mulya nirdharan ranneetiyon mein badlav karne ke liye majboor hona pad sakta hai। chhote vyavsayon ke liye in atirikt kharchon ko vahan karna vishesh roop se chunautipoorn ho sakta hai। petrol ki badhti keematon ke prabhav ko kam karne ke liye, kai log sarvajanik parivahan, karpooling,cycle chalana aur electric vahanon jaise vaikalpik parivahan vikalpon ki talash kar rahe han। sarkaren aur niji companiyan bhi paramparik jeevaashm indhanon par nirbharta kam karne ke liye swachh aur adhik tikau urja samadhanon mein nivesh kar rahi han। nishkarshtah, petrol ki badhti keematein na keval vyaktigat upbhoktaon ko balki vyavsayon aur samagra arthvyavastha ko bhi prabhavit karti han। indhan ki keematon mein vriddhi ke kai karan han, aur inka prabhav dainik jeevan ke anek pahluon par padta hai। indhan dakshata ko badhava dena, vaikalpik urja sroton ka samarthan karna aur tikau parivahan ko protsahit karna petrol ki badhti keematon ke dirghkaalik prabhav ko kam karne mein sahayak ho sakta hai

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Iran & Israil War

ईरान में US की बमबारी से नाराज ट्रंप के अफसर का इस्तीफा; दुबई में गिरा ईरानी मिसाइल का मलबा

Israel Iran War News in Hindi Live:पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष 19वें दिन में और खतरनाक हो गया है। मिसाइल और ड्रोन हमले तेज हो चुके हैं, वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज भी निशाने पर हैं। इस बीच, इस्राइल ने अली लारीजानी और बसीज कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को मारने का दावा किया, ईरान ने भी दो शीर्ष अधिकारियों की हत्या की पुष्टि की है। ईरान में US की बमबारी से नाराज ट्रंप के अफसर का इस्तीफा अमेरिका में नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के प्रमुख जोसेफ केंट ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में केंट ने कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था, लेकिन इस्राइल के दबाव में आकर अमेरिका ने यह युद्ध शुरू किया। उन्होंने कहा कि वह इस युद्ध का समर्थन ईमानदारी से नहीं कर सकते। केंट इस मुद्दे पर इस्तीफा देने वाले ट्रंप प्रशासन के पहले बड़े अधिकारी बन गए हैं। दुबई में मिसाइल हमले की कोशिश, एयर डिफेंस ने किया नाकाम बुधवार को दुबई के आसमान में उस समय हलचल मच गई, जब ईरान की ओर से आए मिसाइल और ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इस दौरान रोकी गई मिसाइलों के टुकड़े शहर के कुछ हिस्सों में गिरते देखे गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आसमान में इंटरसेप्टर मिसाइलें दागी गईं और जोरदार धमाकों की आवाज भी सुनाई दी। बाद में दुबई प्रशासन ने साफ किया कि ये आवाजें सफल एयर डिफेंस कार्रवाई की वजह से थीं। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि उसके सिस्टम ईरान से आए खतरों का जवाब दे रहे थे। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई गई है। अमेरिकी सेना ने ईरान के मिसाइल ठिकानों पर भारी बमों से हमला किया अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के तटीय इलाकों में स्थित ईरानी मिसाइल ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार “कुछ घंटे पहले, अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के तट पर स्थित ईरानी मिसाइल ठिकानों पर 5,000 पाउंड के कई डीप पेनिट्रेटर मूनिशन्स (गहरे भेदक हथियार) का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया।” सेंट्रल कमांड ने यह भी स्पष्ट किया कि इन ठिकानों पर मौजूद ईरानी एंटी-शिप क्रूज मिसाइलें जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए एक गंभीर खतरा पैदा कर रही थीं। यह कार्रवाई संभवतः क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस ने फुजैरा उड़ानों को 48 घंटे के लिए रोका पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा के लिए अपनी उड़ानें अगले 48 घंटे के लिए स्थगित कर दी हैं। कंपनी ने सुरक्षा कारणों को इसका कारण बताया और कहा कि इस दौरान केवल अल ऐन के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। सऊदी एयर बेस के पास मिसाइल के टुकड़े गिरे सऊदी अरब की रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने अल-खर्ज गवर्नरेट की ओर लॉन्च हुई बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया। मिसाइलके अवशेष प्रिंस सुल्तान एयरबेस के पास गिरे, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। यह एयरबेस अमेरिकी बलों की मेजबानी करता है और ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इस्राइली कार्रवाई के दौरान बार-बार निशाना बना। बगदाद में फिर से धमाका इराक की राजधानी में एक और विस्फोट हुआ। यह खबर उस समय आई जब अमेरिकी दूतावास को लक्षित ड्रोन और रॉकेट हमलों की जानकारी मिली थी, जो शहर के कड़ी सुरक्षा वाले ग्रीन ज़ोन में हुए। इस्राइल में संपत्ति को भारी नुकसान इस्राइली मीडिया चैनल 12 की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से हालिया मिसाइल हमले के बाद काफर कासेम शहर में कम से कम चार स्थानों को नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट में कहा गया संपत्ति को व्यापक नुकसान हुआ है और दो लोग घबराहट की स्थिति में घायल हुए। पहले के समाचारों में बताया गया कि शेल के टुकड़ों से दो लोगों की मौत हुई, जो नजदीकी रामत गान में थे। कुवैत ने सक्रिय की वायु रक्षा कुवैती सेना ने बताया कि उनके राष्ट्रीय रक्षा तंत्र वर्तमान में शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोकने में सक्रिय हैं। देशभर में सुनाई देने वाली तेज धमाकों की आवाज़ें कुवैत की वायु रक्षा बैटरियों द्वारा सफल इंटरसेप्शन का परिणाम थीं। अली लारीजानी की हत्या की भी हुई पुष्टि एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकारी मीडिया ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की हत्या की पुष्टि की है। सऊदी अरब ने ड्रोन हमले रोके सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पूर्वी प्रांत में पिछले कुछ घंटों के दौरान सात ड्रोन इंटरसेप्ट और नष्ट किए गए। मंत्रालय ने इस बात की जानकारी एक्स प्लेटफॉर्म पर साझा की। यह कदम देश की सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिक क्षेत्रों पर संभावित हमलों को रोकने के लिए उठाया गया है।

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Donald Trump: ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- नाटो की मदद की जरूरत नहीं, अमेरिका अकेला ही काफी

Donald Trump अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान के बीच नाटो पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने कहा कि नाटो के कई सहयोगी देश इस युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते, लेकिन अमेरिका को उनकी मदद की जरूरत भी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इस्राइल की कार्रवाई से ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान हुआ है। विस्तार पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान में नाटो देशों की मदद की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य सफलता हासिल की है और वह किसी भी सहयोग के बिना भी अपने अभियान को आगे बढ़ा सकता है।

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ईरान इस्राइल हमला न्यूज़

इस्राइल के हमले में अली लारीजानी और कमांडर सुलेमानी की मौत, ईरानी सरकारी मीडिया ने की पुष्टि

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अली लारीजानी और गुलामरेजा सुलेमानी की मौत का दावा करते हुए इसे ईरान की ताकत के लिए बड़ा झटका बताया था। उन्होंने कहा कि अभी और भी सरप्राइज बाकी हैं। पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट के बीच ईरान की ओर से इस्राइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाना जारी है। दोनों नेताओं को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान कार्रवाई में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता था। इनकी मौत ऐसे समय में हुई है जब ईरान युद्ध जैसी स्थिति का सामना कर रहा है। इस्राइल-अमेरिका के जारी हमलों को इस्लामिक गणराज्य के लिए हाल के दशकों की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

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इस्राइल के हमले में ईरान के दो शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की मौत हो गई है। वहीं देशभर में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। जानें ताज़ा अपडेट।

इस्राइली हमले में ईरान के दो शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की मौत; देशभर में फिर आंधी-बारिश के आसार

ईरान इस्राइल हमला न्यूज़ देश में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम ने भी खेल बदला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने वाला है। वहीं, इस्राइल के हालिया हमले में ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी और कमांडर सुलेमानी की मौत की पुष्टि ईरानी सरकारी मीडिया ने की है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। असम में भी राजनीतिक तूफान मचा हुआ है। कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी में अपमान और अकेलेपन के चलते इस्तीफे का एलान किया, जबकि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस पर प्रतिक्रिया दी। वहीं, होर्मुज प्रायद्वीप पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नाराजगी के बाद फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने साफ किया कि बमबारी रोकने के बाद ही मदद की जाएगी, जिससे मध्य-पूर्व की जटिल परिस्थितियों पर वैश्विक निगाहें टिक गई हैं।

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Iran Israel War

Iran-Israel युद्ध LIVE: ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, Israel और U.S. के हमलों में Iran के नए सुप्रीम लीडर को चुनने वाली बिल्डिंग पर हमला हुआ।

इज़राइली सेना का कहना है कि ईरानी मिसाइलों के सेंट्रल इज़राइल पर हमला करने से इज़राइल में सात लोग घायल हो गए;   तेहरान में भारतीय दूतावास ने नई एडवाइज़री जारी की; इज़राइली सेना के ईरान में ज़मीनी सेना तैनात करने की “संभावना नहीं” है। Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo.जैसे-जैसे वेस्ट एशिया में जंग तेज़ हो रही है, ईरान के रेड क्रिसेंट ने कहा कि 27 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इज़राइल के हमले शुरू होने के बाद से अब तक ईरान में 780 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। यह ताज़ा आंकड़ा तब आया है जब मंगलवार (3 मार्च, 2026) को ईरान और इज़राइल ने नए हमले शुरू किए, जिसमें लेबनान पर इज़राइली बमबारी और सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला शामिल है। U.N. न्यूक्लियर वॉचडॉग इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) ने मंगलवार (3 मार्च, 2026) को कहा कि ईरान के अंडरग्राउंड नतांज़ फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट (FEP) की एंट्रेंस बिल्डिंग्स को हाल ही में कुछ नुकसान हुआ है। एजेंसी ने यह भी कहा कि उसे उम्मीद है कि FEP में कोई रेडियोलॉजिकल नतीजा या एक्स्ट्रा असर नहीं दिखेगा। यह भी पढ़ें: इज़राइल, U.S. और एक पोलर वेस्ट एशिया बनाने के लिए जंग इज़राइली मिलिट्री ने कहा कि उसने ईरान के खिलाफ एक ऐसे कैंपेन की तैयारी की है जो “कई हफ़्तों” तक चल सकता है, लेकिन इसमें ग्राउंड फोर्स की तैनाती “मुश्किल” है। दिन में पहले, U.S. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि U.S. के पास तेहरान के खिलाफ अपने मिलिट्री ऑपरेशन के लिए तय चार से पांच हफ़्ते के टाइम फ्रेम से “बहुत ज़्यादा समय तक चलने की काबिलियत” है। यह भी पढ़ें: इंडिगो जेद्दा के लिए 10 रिलीफ फ्लाइट्स चलाएगी, एयर इंडिया एक्सप्रेस ने ओमान सर्विस फिर से शुरू कीं मंगलवार (3 मार्च) को एक नई एडवाइजरी में, तेहरान में इंडिया ने ईरान में अपने नागरिकों को बहुत सावधानी बरतने और जितना हो सके घर के अंदर रहने की सलाह दी। इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस समेत भारतीय एयरलाइंस ने भी फंसे हुए यात्रियों की वापसी में मदद के लिए मंगलवार (3 मार्च, 2026) को खाड़ी देशों – मस्कट, ओमान, जेद्दाह वगैरह – के लिए अपनी सर्विस फिर से शुरू कर दी हैं। दुबई और अबू धाबी की एयरलाइन कंपनियों ने भी कुछ फ्लाइट्स फिर से शुरू करने की घोषणा की है।

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Iran Supreme Leader Khamenei News

Iran’s के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei का 86 साल की उम्र में निधन

Iran Supreme Leader Khamenei IRNA न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, ईरानी प्रेसिडेंट की काउंसिल, ज्यूडिशियरी के हेड और गार्डियन काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट को कुछ समय के लिए ईरान में लीडरशिप की ड्यूटी संभालनी है। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार (1 मार्च, 2026) को सुबह-सुबह कन्फर्म किया कि इज़राइल और अमेरिका के एक बड़े हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की मौत हो गई। President Donald Trump ने पहले उनकी मौत की घोषणा करते हुए कहा था कि इससे ईरानियों को अपना देश “वापस लेने” का “सबसे बड़ा मौका” मिला है।

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